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उत्तराखण्ड का प्रागैतिहासिक काल (भाग–7) प्रागैतिहासिक औजारों का विस्तृत अध्ययन : पत्थरों में छिपी मानव सभ्यता की विकासगाथा
"जब मनुष्य ने पहली बार किसी पत्थर को अपनी आवश्यकता के अनुसार तराशा, तभी से सभ्यता की यात्रा का वास्तविक आरम्भ हुआ। वही साधारण-सा पत्थर ...
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भारत के इतिहास का अध्ययन क्यों आवश्यक है? – अपनी जड़ों को जानने से भविष्य संवारने तक की प्रेरक यात्रा "इतिहास केवल बीते हुए समय की कह...
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महापाषाणीय शवाधान "जब लिखित इतिहास मौन हो जाता है, तब पत्थर बोलना शुरू करते हैं; और उन्हीं की भाषा को पुरातत्त्व कहा जाता है।" प...
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डॉ. भावना जुयाल उत्तराखण्ड का प्रागैतिहासिक इतिहास अनेक ऐसे पुरास्थलों से समृद्ध है, जो आदिम मानव के जीवन, कला और संस्कृति की अमूल्य झलक प्...
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